नई दिल्ली के लिए सूर्य-चंद्रमा की सटीक खगोलीय स्थिति, पंचांग के पांच दिव्य अंग (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण) और श्रेष्ठ शुभ मुहूर्त।
भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत; अन्न त्याग, फलाहार व विष्णु सहस्रनाम पाठ।
चौघड़िया एक प्राचीन वैदिक समय प्रणाली है जो दिन और रात को आठ शुभ (अमृत, शुभ, लाभ, चर) और अशुभ (रोग, काल, उद्वेग) मुहूर्तों में विभाजित करती है।
| मुहूर्त प्रकार | वैदिक प्रकृति | समय अवधि | शुभ कार्य एवं उपाय |
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चर
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सामान्य (चर) |
05:55 AM – 07:32 AM
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यात्रा, वाहन क्रय, गतिमान कार्य एवं नए स्थान प्रस्थान हेतु अनुकूल।
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लाभ
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लाभप्रद |
07:32 AM – 09:09 AM
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व्यापार, नई दुकान या प्रतिष्ठान का उद्घाटन, अनुबंध एवं आर्थिक कार्य।
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अमृत
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सर्वोत्तम |
09:09 AM – 10:46 AM
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सभी मांगलिक कार्य, विवाह, साक्षात्कार, पदभार ग्रहण एवं औषधि सेवन हेतु सर्वश्रेष्ठ।
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काल
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कष्टप्रद (काल) |
10:46 AM – 12:23 PM
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शनि का समय; शुभ कार्य वर्जित, केवल ध्यान व साधना हेतु उपयुक्त।
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शुभ
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अति शुभ |
12:23 PM – 02:00 PM
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धार्मिक अनुष्ठान, विद्यारंभ, यात्रा, यज्ञ-हवन एवं नए निवेश हेतु उत्तम।
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रोग
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अशुभ (रोग) |
01:59 PM – 03:36 PM
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महत्वपूर्ण अनुबंध, शल्य चिकित्सा, ऋण लेन-देन व नए काम से बचें।
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उद्वेग
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अशुभ (उद्वेग) |
03:36 PM – 05:13 PM
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वित्तीय जोखिम, सट्टा, वाद-विवाद एवं संपत्ति सौदों से परहेज करें।
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चर
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सामान्य (चर) |
05:13 PM – 06:50 PM
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यात्रा, वाहन क्रय, गतिमान कार्य एवं नए स्थान प्रस्थान हेतु अनुकूल।
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