अमृत सिद्धि योग के शुभ प्रभाव से नवीन वाहन क्रय, यात्रा सुरक्षा, वाहन स्थायित्व एवं दीर्घायु के लिए सर्वोत्तम समय।
वैदिक विवाह संस्कार, पाणिग्रहण एवं सप्तपदी हेतु परम पावन समय। देवगुरु बृहस्पति व शुक्र की शुभ दृष्टि से दांपत्य जीवन सुखमय बनता है।
व्यापारिक प्रतिष्ठान उद्घाटन, नवीन फर्म पंजीकरण, साझेदारी कार्य एवं व्यवसाय विस्तार हेतु अत्यंत लाभकारी एवं धनकारक योग।
नवीन गृह में मंगल कलश स्थापना, गो-पूजन एवं वास्तु शांति हवन के साथ गृह प्रवेश करने हेतु सर्वश्रेष्ठ शुभ मुहूर्त।
भूखंड क्रय, नींव पूजन, भवन निर्माण एवं अचल संपत्ति की रजिस्ट्री हेतु स्थिर लग्न युक्त मंगलकारी योग।
नवजात शिशु के चंद्र राशि व जन्म नक्षत्र अनुसार वैदिक रीति से स्वस्तिवाचन एवं प्रथम नामाक्षर चयन हेतु पावन मुहूर्त।